अखिलेश (Akhilesh Yadav) की मेरठ रैली में लोगों की सूनामी भीड़ देखकर उखड़ गए बीजेपी के पैर..

दोस्तों इस भीड़ को देखिए..ये भीड़ नहीं सैलाब है..ये सैलाब 2022 का भविष्य है..ये अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) की मेरठ रैली में उमड़ा जन सैलाब है…इस तरह का ऐतिहासिक अपार जन समर्थन बीजेपी को भीतर तक भयभीत कर रहा है..ये तस्वीरें बीजेपी के लिए डरावनी हैं..और अखिलेश यादव के लिए सुहावनी..अखिलेश मंच पर भाषण दे रहे हैं और सामने के मैदान में तिल रखने की जगह नहीं है..

अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के आने पर रैली के मैदान में तमाम सपा और आरएलडी नेताओं ने अपने नाम के गुब्बारे लगा रखे थे..गुब्बारों पर 2022 में सपा के लौटने के नारे वगैरह सपा कार्यकर्ताओं के नाम से लिखे हुए थे..

जितनी भीड़ अखिलेश (Akhilesh Yadav) और जयंत चौधरी की रैली में दिखाई दे रही थी उतनी देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और योगी की आज की गोरखपुर रैली में भी नहीं थी..जहां सरकारी व्यवस्थाएं..और सरकारी मशीनरी से जवला टाइट किया गया था..अखिलेश की रैली में भी जयंत चौधरी और सपा दोनों के कार्यकर्ता थे..और योगी रैली में भी बीजेपी और अपनादल के लोग थे..लेकिन भारी अखिलेश की रैली पड़ी..वो भी तब जब अखिलेश के साथ सरकारी मशानरी नहीं है..मेरठ में अखिलेश और जयंत की इस रैली का नाम परिवर्तन संदेश रैली रखा गया था..

जिस पश्चिमी यूपी में अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) और जयंत चौधरी रैली कर रहे हैं..उस पश्चिचमी यूपी में बीजेपी इतना डर चुकी है कि देश के गृह मंत्री अमित शाह जो पूरे देश के गृह मंत्री हैं बीजेपी ने उनको केवल पश्चिमी यूपी का कर्ता धर्ता बना दिया है..दोस्तों इस रैली से बीजेपी को इतना पता चल गया है कि किसानों पर मोदी का जो जादू 2019 और 2017 में चला था वो अब खत्म हो चुका है पश्चिमी यूपी बदलाव के मूड में है..

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