crossorigin="anonymous"> अखिलेश ने बनाई बाबा साहेब वाहिनी, दलित युवा नेताओं को सपा में बढ़े पद

अखिलेश ने बनाई बाबा साहेब वाहिनी, दलित युवा नेताओं को सपा में बढ़े पद

अखिलश का साथ 2019 में मायावाती की पार्टी से छूट गया.. लेकिन समाजवादी पार्टी को लगता है कि मायावती का 50 प्रतिशत वोट अखिलेश की अच्छाईयां और बसपा की कमजोरी देखकर सपा की तरफ आज जाएगा..

Akhilesh created Baba Saheb Vahini Dalit youth leaders

बाबा साहेब वाहिनी का गठन

2019 में ग्राउंड पर सपा और बसपा के वर्कर्स की जो दोस्ती बनी थी वो अभी टूटी नहीं है..इसीलिए समाजवादी दलित समाज को खुले दिल से अपना वोटर मानने लगी है.. अखिलेश यादव ने अम्बेडकर जयंती पर बाबा साहेब वाहिनी का गठन करने की घोषणा की है.. यानी 14 अप्रैल को लोहिया वाहिनी.. मुलायम यूथ ब्रिगेड.. और सपा के तमाम फ्रंटल संगठनों की तरह बाबा साहेब वाहिनी का गठन भी हो जाएगा.. इसकी भी प्रदेश इकाई बनेगे अध्यक्ष वध्यक्ष चुने जाएंगे.. साथ ही दलित दिवाली मनाने का भी ऐलान किया..

मायावती का वोट सपा में आ जाएगा.

2019 में मायावती का कहना था कि समाजवादी पार्टी के वोटरों ने बीएसपी के कैंडीडेटों को वोट नहीं दिया..जबकि अखिलेश ने कभी भी बीएसपी के दलित वोटरों पर कोई आरोप नहीं लगाया.. मायावती अभी कमजोर हैं.. सपा को लगता है कि मायावती का वोट सपा में आ जाएगा. अगर ऐसा होता है तो 2022 में सपा की सरकार अपने आप बन जाएगी लेकिन अगर बीएसपी का वोटर मायावती का चेहरा और हाथी का चुनाव निशान देखकर ही वोट करेगा तो सपा गच्चा खा जाएगी..

क्योंकि बीजेपी 2022 में उतनी कमजोर नहीं होगी जितनी समाजवादी पार्टी समझ रही है.. दोस्तों हम चैनल का विस्तार पर रहे हैं.. आप यूट्यूब पर देख रहे हैं सब्सक्राइब जरूर कीजिए और फेसबुक पर देख रहे हैं फॉलो करना बिल्लुक ना भूलें…नमस्कार..