यूपी के बाद मध्यप्रदेश और उत्तराखंड में भी सपा-बसपा का हुआ गठबंधन, किया सीटों का ऐलान

बीजेपी को भारत के हर राज्य से हटाने के लिए आगामी लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की सीटों पर सपा-बसपा ने पहले ही गठबंधन कर लिया था. जिसके बाद से यूपी की सियासत काफी गर्मा गई है. मगर अखिलेश और माया ने मिलकर लोकसभा चुनाव के लिए ही एक और बड़ा फैसला कर लिया है. जिससे सभी पार्टियों के होश उड़ गए हैं.

akhilesh and mayawati alliance in madhya pradesh and uttarakhand
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सपा-बसपा ने आज यूपी के बाद अपने पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश और उत्तराखंड में भी अपने गठबंधन का ऐलान कर लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए सीट भी फ़ाइनल कर दी हैं. सपा-बसपा की तरफ से ज़ारी हुए पत्र में बताया गया है कि मध्यप्रदेश में सपा तीन सीटों पर जिसमें बालाघाट, टीकमगढ़, खजुराहों शामिल हैं. और बसपा बाकी 26 सीटों पर प्रत्याशी उतारेगी. वहीं, उत्तराखंड में सपा के खाते में एक सीट ‘गढ़वाल (पौड़ी)’ आई है. बाकी बची सीटों पर बसपा अपने प्रत्याशी उतारेगी.

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अब यहाँ आपको बतादें कि मध्यप्रदेश में कुल 29 लोकसभा सीटें हैं. जिसमें 27 बीजेपी के पास है और 2 कांग्रेस के पास, वहीं उत्तराखंड में कुल 5 लोकसभा सीट हैं. और ये पांचों बीजेपी के पास हैं. अब ऐसे में सपा-बसपा को यहाँ जीत दर्ज करने के लिए यूपी से ज्यादा मेहनत करनी होगी. क्युकी सत्ताधारी बीजेपी से बुकबला करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है.

सपा-बसपा की पहली टक्कर तो बीजेपी से ही है. उसके बाद कांग्रेस आती है. इसलिए अखिलेश और मायावती ने कांग्रेस को अपने गठबंधन में शामिल भी नहीं किया है. सीटों के हिसाब से देखा जाये तो सपा-बसपा गठबंधन में सबसे ज्यादा फ़ायदा तो बसपा प्रमुख मायावती को ही हो रहा है. आप ही देख लीजिये की यूपी में भी 80 सीटों में अखिलेश को सिर्फ 37 ही मिलीं, और अब मध्यप्रदेश में भी 29 में से 3 सीट और उत्तराखंड में 5 में से सिर्फ 1 सीट ही मिली है.

अखिलेश यादव की ये अनदेखी समाजवादी पार्टी के लिए आगे चलकर एक बड़ा नुक्सान भी साबित हो सकती है. उधर माया अपने बबुआ का पूरा फायदा उठा रही हैं. और कही से भी उनको नुक्सान नहीं है. क्युकी उनके पास एक भी लोकसभा सीट नहीं है.