69000 शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड व परीक्षा टॉपर गिरफ्तार, अब STF करेगी जांच

उत्तर प्रदेश का बेसिक शिक्षा विभाग आज कल काफी चर्चा में बना हुआ है. इसकी सबसे बड़ी वजह है प्रदेश में 69000 शिक्षकों की भर्ती. जो फिर से सवालों के घेरे में आ गई है.

69000 assistant teacher post recruitment case
69000 assistant teacher post recruitment case

सहायक शिक्षकों की भर्ती में हुए फर्जीवाड़े पर यूपी सरकार एक्शन में आ गई है. मामले में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. वहीं, जांच के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन कर दिया गया है. जालसाजी करने वाले गिरोह के सरगना स्कूल प्रबंधक केवल पटेल व परीक्षा के टॉपर धर्मेंद्र सरोज समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद मंगलवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया है.

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यूपी के बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश कुमार द्विवेदी ने फर्जीवाड़े पर कहा कि योगी सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रही है. ये विपक्ष की साजिश है. उनकी मंशा प्रदेश में शिक्षकों की भर्ती को रोकने की है, लेकिन हम इसको किसी भी तरह से सफल नहीं होने देंगे. कुछ लोग ऐसे हैं जिनका खानदानी पेशा ही भ्रष्टाचार और घोटाले का रहा है. उन्हेंं इतनी सही भर्ती क्यों पचेगी. ये तो भर्ती को डीरेल करने की साजिश रची जा रही है.

उन्होंने बताया कि शिक्षक भर्ती में लेनदेन शिकायत की गई थी. मामले की जांच एसटीएफ को सौंप दी गई है. पुलिस के मुताबिक, आठ से 10 लाख रुपए देकर अभ्यर्थी पास हुए हैं. इस मसले पर अभी सुप्रीम कोर्ट ने सरकार का पक्ष नहीं सुना है. सरकार का पक्ष सुनने के बाद ही सुप्रीम कोर्ट फैसला सुनाएगा. बतादें कि अदालत ने शिक्षामित्रों की अर्जी पर उत्तर प्रदेश सरकार को 37,339 पदों को रिक्त रखने का आदेश दिया है, इन पदों पर फिलहाल शिक्षामित्र काम कर रहे हैं. पीठ ने मामले की आगे की सुनवाई 14 जुलाई तय की है.

वहीं गिरफ्तार किये गए जिला पंचायत के पूर्व सदस्य एवं स्कूल प्रबंधक केएल पटेल के स्कूल परिसर में जमीन में गड्ढा खोदकर रखे गए 14 लाख रुपए व दूसरे आरोपितों के पास से साढ़े सात लाख रुपए, लैपटॉप, अंकपत्र समेत दूसरे दस्तावेज बरामद किए हैं. पुलिस ने गिरफ्तार किये गए अभ्यर्थी विनोद यादव व धर्मेंद्र से भी पूछताछ की थी. दोनों ने लिखित परीक्षा में पास होने के लिए क्रमश: आठ और 12 लाख रुपए देने की बात कबूल की है.

माना जा रहा है कि गिरोह का नेटवर्क कई जनपदों में फैला हुआ है. कई अभ्यर्थियों ने गिरोह की मदद से लिखित परीक्षा पास की है. धर्मेंद्र पटेल शिक्षक भर्ती का टॉपर था. उसके कुल 150 में से 142 अंक है, लेकिन पुलिस की पूछताछ में वो भारत के राष्ट्रपति का नाम नहीं बता पाया.

प्रियंका गांधी वाड्रा ने 69000 हज़ार शिक्षक भर्ती मामले को लेकर योगी सरकार पर जमकर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि सीएम योगी बताएं कि शिक्षक भर्ती मामले में हुए फर्जीवाड़े की जिम्मेदारी लेंगे या नहीं. इस दौरान उन्होंने फेसबुक लाइव के माध्यम से छात्र छात्राओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि आपकी लड़ाई, हमारी लड़ाई है और कांग्रेस इसे लड़ती रहेगी.