दीपोत्सव: 4 लाख 10 हज़ार दीप जलाने का बना रिकॉर्ड, अयोध्या की धरती पर दिखा भव्य नज़ारा

अयोध्या में शनिवार को दिव्य दीपोत्सव देखने को मिला. इसका अदभुत नज़ारा देख कर देश विदेश से आये लोग मंत्रमुग्ध हो गए. सुबह से शुरू हुई झांकियों से लेकर शाम को दीपोत्सव तक बड़ा ही आकर्षक नज़ारा रहा.

4.10 lakh deepotsav world record in ayodhya ramnagari

भगवान श्रीराम की लीला पर आधारित 11 झांकियां दोपहर से ही निकलनी शुरू हो गई थीं. रामकथा पार्क तक निकलने वाली इन झांकियों का जगह-जगह स्वागत किया गया. इन 11 झांकियों में भगवान श्री राम के जीवन का वृतांत शामिल किए गए थे. इसमें लंका विजय कर लौटे श्रीराम की वापसी का दृश्य भी दिखाया गया. इन झांकियों के बाद श्री राम-सीता का राम कथा पार्क में हेलीकॉप्टर से प्रतीकात्मक अवतरण हुआ.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां सरयू की आरती के बाद जैसे ही दीपोत्सव का शुभारंभ किया मानों अयोध्या की धरती पर देवलोक उतर आया हो कुछ ऐसा ही भव्य नज़ारा देखने को मिला. अयोध्या स्थित राम की पैड़ी दीपों के महाकुंभ का गवाह बनी. लक्ष्मण घाट से लेकर उर्मिला घाट तक के 12 घाटों पर दीप जलाये गए.

इसी के साथ अयोध्या ने अपना पिछला रिकॉर्ड 3 लाख 1186 को तोड़ दिया है. इस बार 4 लाख 10 हजार दीप जलाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया है. हालांकि, लक्ष्य 5.51 लाख दीप प्रज्ज्वलति करने का रखा गया था.

दीपों की लौ में भगवान राम के दर्शन कराए गए. अवध विश्वविद्यालय के 6 हजार वालिंटियरों ने दीप जलाए. इसके बाद दीपोत्सव में भारत, नेपाल, श्रीलंका, इंडोनेशिया और फिलीपींस के कलाकारों ने रामलीला का मंचन किया. दीपोत्सव में लाखों लोगों की सुरक्षा को देखते हुए अयोध्या से शहर से कोई भी वाहन नहीं जा सका, वाहनों को जालपा मंदिर से ही रोक दिया गया था.

चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा कर्मी मौजूद थे. रामकथा पार्क से राम की पैड़ी तक जाने के लिए सांसद और विधायकों को भी निजी वाहन इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी गई थी.

इसके साथ ही सीएम योगी ने रामलीला के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने वाले विख्यात व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित भी किया.

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