मोदी सरकार ने ‘कश्मीर घाटी’ में तैनात किये ’28 हजार सुरक्षाबल’, बौखला गईं महबूबा

मोदी सरकार की आतंकवाद विरोधी कार्रवाई बहुत जोरों से चल रही है. मोदी सरकार अब पाकिस्तान के हर हमले का जवाब देने में तैयार है. इसके लिए अभी हालही में 10 हजार सुरक्षाबलों की तैनाती बॉर्डर पर की गई थी.

28000 more troops moved to jammu kashmir
28000 more troops moved to jammu kashmir

मगर अभी हफ्ते भर भी नहीं हुआ है और मोदी सरकार कश्‍मीर घाटी में 28 हजार और जवानों को भेज रही है. कश्मीर घाटी में CRPF और अन्य पैरामिलिटरी जवानों की तेजी से तैनाती के लिए सरकार ने C-17 समेत भारतीय वायुसेना के विमानों को भी सेवा में लगाया है. सूत्रों के मुताबिक जवान गुरुवार सुबह से घाटी में पहुंचने लगे हैं. राज्य के अलग-अलग इलाकों में उन्हें तैनाती दी जा रही है.

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चिनार कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने एक प्रेस वार्ता में कहा पाक कश्मीर में शांति भंग करना चाहता है और हम ऐसा होने नहीं देंगे. कश्मीर घाटी में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) का खतरा ज्यादा नजर आ रहा है. फिलहाल नियंत्रण रेखा पर हालात काबू में है और घाटी में माहौल काफी हद तक शांतिपूर्ण बना हुआ है. पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ की कोशिशों को सफलतापूर्वक विफल किया जा रहा है.

हालांकि, इतनी बड़ी संख्‍या में सुरक्षबलों की तैनाती को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं. गृह मंत्रालय का कहना है कि केंद्रीय बलों की तैनाती और वापसी लगातार चलने वाली प्रक्रिया है. जम्मू-कश्मीर में अर्द्धसैन्य बलों की तैनाती आंतरिक सुरक्षा स्थिति के आकलन और प्रशिक्षण की आवश्यकताओं के आधार पर की गई है.

पीडीपी नेता व पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने बरामुला में प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि इस समय पर हमारे लिए मरने जीने वाला हाल है क्योंकि हमें जम्मू कश्मीर की पहचान को बचाना है. चुनाव तो कभी भी हो सकते हैं और सरकार किसी की भी बन सकती है लेकिन इस समय अपनी पहचान की रक्षा करना सभी मुख्यधारा की पार्टियों की जिम्मेदारी बनती है.

राज्य पुलिस को साइड-लाइन करके केंद्रीय बलों को लाया जा रहा है. इससे अटकलें तेज हो गई हैं कि अनुच्छेद-35 ए को हटाया जा रहा है. ये समय एक जुट होने का है लेकिन सभी अलगाववादी नेता या तो नजरबंद हैं या फिर जेल में बंद हैं. इसलिए भारत के संविधान की रक्षा करने की ज़िम्मेदारी यहां के मुख्यधारा की पार्टियों की है.

सूत्रों के मुताबिक खबर ये भी है कि, पाकिस्तानी सेना ने जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों के लिए एलओसी के पास 100 से अधिक आतंकियों को तैयार कर लिया है और उनकी घुसपैठ कराने की फिराक में है. माना जा रहा है कि भारतीय सेना की लगातार कार्रवाई और भारी संख्या में तैनाती के बाद आतंकी संगठन को खुद की जमीन हिलती दिख रही है.