बड़ी लापरवाही: दिल्ली के निजामुद्दीन तबलीगी जमात में मौजूद थे 2000 लोग, 6 कोरोना पॉजीटिव, 200 लोग भर्ती

देश में कोरोना वायरस को लेकर एक बड़ी लापरवाही सामने आ रही है. राजधानी दिल्ली में एक ही जगह पर मौजूद करीब 1200 लोगों को निकाला गया है. और लगभग पूरा समूह इस महामारी की चपेट में आ गया है.

2000 people attended delhi tablighi jamaat many people corona infected
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इस खबर को सुनते ही दिल्ली प्रशासन के पसीने छूट गए हैं कि आखिर इतनी बड़ी चूक कहाँ हो गई. मामला दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में तब्लीगी जमात का है. यहाँ 1 मार्च से लेकर 15 मार्च तक 5 हजार से ज्यादा लोग आए थे. इनमें इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड के लोग भी शामिल थे. 22 मार्च को लॉकडाउन की घोषणा के बावजूद यहां करीब 2 हजार लोग ठहरे हुए थे. इस जगह से 1200 लोगों को निकाला गया है.

स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 200 लोगों को दिल्ली के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया जा चुका है. इसमें दिल्ली के लोकनायक अस्पताल, एम्स झज्जर कैंपस और उत्तरी रेलवे के क्वारंटीन केंद्र शामिल है. सभी को इन्हीं अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. जबकि करीब 2 हजार लोगों की ट्रेसिंग चल रही है.

रविवार को जमात के छह लोगों के सैंपल पॉजीटिव मिलने के बाद से उनके संपर्क में आए लोगों को क्वारंटीन करना शुरू कर दिया है. तेलंगाना सरकार ने सोमवार को 6 कोरोना संक्रमितों की मौत की पुष्टि की थी. बड़ी बात ये है कि ये सभी मृतक दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज के धार्मिक समारोह में शामिल हुए थे.

तेलंगाना सरकार ने देर रात ही एक अपील जारी की है. अपील में कहा गया है कि जो लोग निजामुद्दीन मरकज के कार्यक्रम में शामिल हुए थे, उन्हें जांच के लिए सामने आना चाहिए. दिल्ली के निजामुद्दीन में जिन लोगों ने धार्मिक आयोजन में हिस्सा लिया था, उनमें से कुछ को कोरोना संक्रमित पाया गया है. इनमें से कुछ तेलंगाना के थे.

इधर, निजामुद्दीन के पूरे इलाके से इस मरकज की इमारत को अलग-थलग कर दिया गया है. प्रशासन अलर्ट हो गया है. दिल्ली सरकार ने पुलिस को मरकज के मौलाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं. बतादें कि निजामुद्दीन का ये मरकज इस्लामी शिक्षा का दुनिया में सबसे बड़ा केंद्र है. यहां कई देशों के लोग आते रहते हैं.

स्वास्थ्य विभाग, डब्ल्यूएचओ, नगर निगम और पुलिस की टीमें यहां से लोगों को निकाल रही हैं. पुलिस ने जानकारी दी है कि लॉकडाउन के पहले से ही यहां से भीड़ हटाने के लिए प्रयास किए जा रहे थे. लेकिन, तब्लीगी मरकज में जमा हुए लोगों ने बात नहीं सुनी. यहां रहने वाले लोगों में ज्यादातर लोगों की उम्र 60 साल से ऊपर है. बतादें कि कई दिनों से पूरे देश में जागरूकता फैलाई जा रही है कि 60 साल के ऊपर वाले लोग कहीं बाहर न निकलें अपनी सेहत का पूरा ख्याल रखें. लेकिन कुछ लोग ये बात समझने को तैयार ही नहीं हैं. और अब ये लापरवाही हज़ारों लोगों के लिए मुसीबत बन गई है.

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