दिल्ली चुनाव: BJP ने शाहीनबाग, AAP ने मुफ्त योजनाओं पर किया फोकस, आज 1.47 करोड़ मतदाता करेंगे फैसला

दिल्ली में आज यानी 8 फरवरी को विधानसभा के चुनाव हैं. सुबह 8 बजे से मतदान शुरू हो जाएगा. जो शाम के 6 बजे तक चलेगा. बीजेपी के लिए इस बार करो या मरो की स्थिति है. बीजेपी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए 5000 इवेंट किए.

1 crore 47 lakh voters will elect new government
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दिल्ली जीतने के लिए खुद प्रधानमंत्री मोदी ने बीजेपी के लिए वोट मांगे हैं और दो बड़ी रैलियां भी की हैं. खास बात तो ये है कि दिल्ली में सबसे ज्यादा चुनाव प्रचार अगर किसी बीजेपी के नेता ने किया है तो वो देश के गृह मंत्री अमित शाह है. यहीं से ही देखा जा सकता है कि दिल्ली का चुनाव जीतना बीजेपी के लिए अब अपनी शान बचाने वाली बात होगी. शाह ने कुल 36 रैलियां की हैं.

शाह के अलावा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने 63 रैलियां और देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी 12 रैलियां की हैं. इसके साथ ही केंद्रीय मंत्रियों के साथ दर्जनों सांसदों ने और 11 राज्यों के मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्रियों के साथ कई भोजपुरी और हरियाणा की मशहूर डांसर सपना चौधरी ने बीजेपी के पक्ष में वोट मांगे हैं. कुल मिलाकर अगर देखा जाए तो दिल्ली का चुनाव जीतने के लिए बीजेपी ने कोई भी कसर नहीं छोड़ी है.

देश का दिल कही जाने वाली दिल्ली में बीजेपी ने तो अपनी पूरी ताकत लगा दी है लेकिन लगातार 15 साल तक राज करने वाली कांग्रेस ने दिल्ली में हो रहे विधानसभा चुनाव में कुछ खास चुनाव प्रचार नहीं किया है. कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका वाड्रा ने सिर्फ दो ही रैलियां की हैं. कांग्रेस के किसी भी वरिष्ठ नेता ने चुनाव प्रचार में ना कोई रूचि दिखाई और ना ही कोई जनता के बीच दिखाई दिया.

उधर आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में से 68 सीटों पर रोड शो किया और जनता से आम आदमी पार्टी के पक्ष में वोट मांगे हैं.

अपने एक बात तो गौर की होगी कि दिल्ली में चुनाव प्रचार की जब शुरुआत हुई थी तो वोट विकास के नाम पर मांगे जा रहे थे लेकिन जैसे-जैसे मतदान की तारीख पास आई वैसे वैसे नेताओं के बयान भड़काऊ और धर्म पर आधारित हो गए. केजरीवाल को केंद्र सरकार और दिल्ली के एलजी ने काम करने नहीं दिया
तो चुनाव नजदीक आते ही अरविंद केजरीवाल हर वो काम करने लगे जिसे पहले केंद्र सरकार या एलजी होने नहीं दे रहे थे.

केजरीवाल सरकार ने दिल्ली वासियों के लिए पानी, बिजली और महिलाओं के लिए बस की यात्रा मुफ्त कर दी. फिर यही मुद्दे रहे जिसको लेकर केजरीवाल सरकार विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार करने लगी. और लोगों के बीच जा जा कर वोट मांगने लगे.

बीजेपी ने चुनाव प्रचार के शुरुआत में केजरीवाल सरकार की खामिया गिनाते हुए जनता से वोट मांगे, लेकिन जब ओपिनियन पोल सामने आया तो बीजेपी ने अपना गेम प्लान बदल दिया. फिर बीजेपी राष्ट्रवाद कश्मीर और अयोध्या के मुद्दे को चुनाव के लिए तैयार करने लगी.

बीजेपी के लिए दिल्ली विधानसभा चुनाव का सबसे बड़ा ट्रनिंग पॉइंट शाहीनबाग़ होगा. शाहीनबाग में हो रहा प्रदर्शन और वहां लग रहे नारों ने बीजेपी को नई उम्मीद दे दी है. बीजेपी ने इधर तीन दिन लगातार शाहीनबाग़ को लेकर राष्ट्रवाद के मुद्दे पर चुनाव प्रचार किया है. जिसका फायदा देखने लगा था. 5 दिन पहले के सर्वे में सामने आ रहा था कि बीजेपी को करीब 10 सीटें मिल रही थी लेकिन शाहीनबाग का मुद्दा बीजेपी ने उठाया तो यही सीटें दोगुने से भी ज्यादा हो गई.

विकास की बातें होना बंद हो चुकी थी चाहे वो आम आदमी पार्टी हो या फिर बीजेपी हो दोनों ही विकास के नाम पर कम और शाहीन बाग़ में चल रहे प्रदर्शन के नाम पर ज्यादा चर्चा कर रही थी. अब आज दिल्ली की जनता को तय करना है कि वो किस के पक्ष में वोट देते हैं. दिल्ली में 1.47 करोड़ से ज्यादा मतदाता नई सरकार का चुनाव करेंगे.

ये चुनाव तय करेगा कि मतदाता मौजूदा आम आदमी पार्टी की सरकार को तीसरी बार मौका देते हैं या भाजपा का 22 साल का वनवास खत्म होता है या फिर पूर्व में लगातार 15 साल सत्ता में रही कांग्रेस वापसी करती है. इसका फैसला मतगणना के दिन 11 फरवरी को होगा. चुनाव आयोग ने कुल 2688 मतदान केंद्रों के 13750 बूथों पर मतदान की तैयारी पूरी कर ली है. इन केंद्रों पर ईवीएम शुक्रवार शाम को ही पहुंचा दी गई हैं और पोलिंग टीम भी शाम को ही पहुंच गईं है.

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