हाथरस कांड में पीड़िता के भाई ने पुलिस पर क्या आरोप लगाया जानिए यहां

हाथरस गैंगरेप में पीड़िता की मौत को एक हफ्ता हो चुका है. लेकिन पूरे मामले को लेकर राजनीति में एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाना जारी है। सूत्रों की माने तो हाथरस पुलिस के कॉल रिकॉर्ड सामने आए हैं। जिसमें 104 बार पीड़िता परिवार और आरोपी के बीच की सामने आई है।

वहीं पीड़िता के परिवार वालों का कहना है कि वो उँची जाति के डर से गाँव में नहीं रहना चाहते वहीं सुरक्षा का नाम देकर पीड़िता के घर के बाहर सीसीटीवी कैमरा लगा दिया गया। जिससे कौन आ रहा है कौन जा रहा है वहां क्या हो रहा है इसकी जानकारी प्रशासन को रहेगी।

100 घर वाले इस गांव में 4 घर दलितों के हैं। लगभग बाकी सारे घर उँची जात वालों के हैं। और जो चार आरोपी हैं वो भी उँची जात वाले हैं। पीड़िता का परिवार के पास सब तरह कि सुरक्षा है लेकिन फिर भी पीड़िता का परिवार दहशत में है। और परिवार उस गांव में नहीं रहना चाहता।

वहीं पीड़िता के पिता का कहना है कि हम तो पहले ही झुक कर रहते थे इन सबके साथ ही सीता राम कहा करते थे। अब हम यहाँ नहीं रहेंगें। कहीं और झोपड़ी बना लेंगें। आज बेटी के साथ हुआ है कल को हमारी पोतियों के साथ हो गया तो।

पीड़िता के परिवार का जो भय है वो जायज है क्योंकि बहुत सारे उँची जाती के लोग आरोपियों का पक्ष लेते हुए पीड़िता के परिवार को ही दोषी बताने में लगा हुआ है।

उनका कहना है कि पीड़िता लड़की और संदीप के बीच प्रेम प्रसंग था। और उन्होंने चार महीने पहले दोनों परिवारों के बीच पंचायत भी कराई थी। ये भी कहा जा रहा है कि गैंगरेप वाली बात झूठी है पीड़िता का परिवार झूठ बोल रहा है।

वहीं इस बीच उत्तर प्रदेश पुलिस के सूत्रों से यह बात सामने आ रही है कि पीड़िता के भाई के नंबर और मुख्य आरोपी संदीप के नंबर पर अक्टूबर 2019 और मार्च 2020 के बीच 104 बार बातचीत की बात सामने आई है। CDR पर पीड़िता के भाई का कहना है कि उनके परिवार का आरोपियों से कोई संबंध या बातचीत नहीं थी। और अगर पुलिस के पास आडियो कॉल है तो वो सामने लाए।

वहीं पीड़िता के परिवार को छावनी में तब्दील कर दिया गया है अब सवाल यह है कि फिर भी पीड़िता का परिवार सुरक्षित क्यों नहीं महसूस कर रहा है।

बात साफ है कि पुलिस प्रशासम मामले कि लीपापोती करने के लिए मीडिया के जरिए पीछे से पूरे मामले को नया मोड़ देने में लगे है।

 

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