शिक्षामित्रों के लिए एक बड़ी खुशखबरी योगी सरकार देगी एक और मौका

उत्तर प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में सहायक शिक्षकों के सभी 69000 पदों पर अब भर्ती का रास्ता साफ हो गया है  राज्य सरकार शिक्षामित्रों को भर्ती में एक और मौका देगी। प्रदेश में लगभग 1.60 लाख शिक्षामित्र हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार द्वारा घोषित भर्ती परीक्षा के नतीजों के मुताबिक सभी 69,000 पदों पर भर्ती को हरी झंडी दे दी गयी है। कोर्ट ने भर्ती परीक्षा में 60 और 65 फीसद कटआफ अंक रखने को चुनौती देने वाली शिक्षामित्रों की याचिकाएं खारिज कर दीं।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद कोर्ट के आदेश पर शिक्षामित्रों के लिए खाली रखे गए 37,339 पदों को भरने का रास्ता अब पूरी तरह से साफ हो गया है। हालांकि ऐसा नहीं है कि शिक्षामित्र पूरी तरह खाली हाथ रहे हैं। कोर्ट ने प्रदेश सरकार के बयान को फैसले में दर्ज किया है जिसमें ये कहा गया है कि अगली भर्ती में शिक्षामित्रों को शामिल होने का एक और मौका दिया जाएगा। साथ ही उस भर्ती पर तौर तरीके तय करने का काम उन्होंने राज्य सरकार पर छोड़ दिया है।

यह आदेश बुधवार को जस्टिस यूयू ललित की अध्यक्षता वाली पीठ ने शिक्षामित्र संघ और शिक्षामित्रों की ओर से अलग से दाखिल सभी याचिकाओं को खारिज करते हुए सुनाया।

शिक्षामित्रों ने सहायक शिक्षकों के 69,000 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा में सामान्य वर्ग के लिए 65 फीसद और आरक्षित वर्ग के लिए 60 फीसद कटआफ अंक रखे जाने के प्रदेश सरकार के आदेश को चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने 65 और 60 फीसद कटआफ अंकों को सही ठहराते हुए प्रदेश सरकार को भर्ती की इजाजत दे दी थी जिसके खिलाफ शिक्षामित्र सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे।

बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री डाक्टर सतीश चंद्र द्विवेदी ने सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षामित्र निराश न हो। अगली जो भी शिक्षक भर्ती होगी उसमें हम शिक्षामित्रों को भी मौका मिलेगा।

आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र शाही ने कहा कि एक और भर्ती में शिक्षामित्रों को मौका देने के फैसले का स्वागत है। शिक्षामित्रों हतोत्साहित न हो। सरकार से बातचीत कर बीच का रास्ता निकालने का प्रयास किया जाएगा जिससे शिक्षामित्रों का भविष्य बर्बाद न हो।

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