विकास दुबे कांड- निलंबित एसओ ने दागी थी 10 गोलियां लेकिन लगी किसे

बिकरू कांड में विकास दुबे से मिलीभगत को लेकर जेल गए निलंबित एसओ ने मुठभेड़ के दौरान सबसे ज्यादा गोलियां चलाई थी पर आश्चर्य की बात यह है कि उस मुठभेड़ में एक भी आरोपी नहीं मारा गया। जब पुलिस ने पता लगाया तो ये जांच में एसओ पर विकास गैंग का साथ देने के आरोप लगे। इस तथ्य की पुष्टि कॉल रिकार्डिंग कॉल डिटेल के द्वारा की गयी।

इन सबके बाद पुलिस की लिखापढ़ी में यह सवाल था की जब पूर्व एसओ ने इतनी गोलियां चलाईं तो वो गयी कहां। विकास दुबे को जब पुलिस दबिश देने पहुंची तो एसओ बिठूर, एसओ शिवराजपुर, एसओ चौबेपुर एक-एक टीम को लीड कर रहे थे। एसओ विनय तिवारी कुछ सिपाहियों के साथ पीछे ही रह गए थे। पुलिस की लिखापढ़ी में सामने आया की विनय ने घटना के दौरान करीब दस गोलियां चलाईं पुलिस की लिखापढ़ी में सबसे बड़ा सवाल यही है कि उसने गोलियां चलायीं तो वह लगी कहां।

जब सामने से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरु हुयी तो वह अपनी जान बचाकर वहां से निकल गया तो आखिर गोलियां चली किसपर थीं। पुलिस अफसरों के मुताबिक वह कोर्ट में साबित करेंगे कि विनय के मैलाफाइड इंटेंशन थे इस कारण उसने ज्यादा गोलियां चलाई थीं। बिकरु कांड का शहीद सीओ का एक आडियो वायरल हुआ यह आडियो दबिश के पहले का था।

जिसमें वह शहीद एसओ शिवराजपुर को दबिश में जाने के निर्देश दे रहे थे। साथ ही ये भी बता रहे थे कि चौबेपुर थानेदार हिम्मत हार रहा है। वायरल ऑडियो शहीद सीओ देवेन्द्र मिश्रा और शहीद एसओ शिवराजपुर महेश यादव के बीच फोन पर बातचीत का था। उन्होंने एसओ से फोन पर कहा कि विकास दुबे के खिलाफ मुकदमा कायम हो चुका है। आपको तो मालूम ही है कि चौबेपुर वाला उसके पैर छूता है। अब एसएसपी ने कहा है कि गिरफ्तारी करो तो हिम्मत हार रहा है। फोर्स लेकर आप भी पहुंच जाइए। हम भी आ जाएंगे। कोई वो थोड़े ही है। इस पर जवाब में शहीद एसओ ने कहा, हां सर बिल्कुल कोई वो नहीं है। इसके बाद फोन काट दिया जाता है।

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