लद्दाख को चीन में दिखाने की गलती को लेकर ट्विटर ने मांगी लिखित में माफी

सोशल मीडिया दिग्गज ट्विटर ने लद्दाख को चीन के नक्शे में दिखाने की गलती के लिए संसदीय समिति से लिखित में माफी मांग ली है। इसके साथ ही उसने इस महीने के अंत तक अपनी गलती सुधारने का वादा भी किया है।

मीनाक्षी लेखी ने बताया कि ट्विटर की ओर से दाखिल हलफनामे पर ट्विटर इंक के चीफ प्राइवेसी आफीसर डेमियन करिएन ने हस्ताक्षर किए हैं। पिछले महीने संसदीय समिति और भारत सरकार ने ट्विटर को उसकी लोकेशन सेटिंग को लेकर चेतावनी दी थी जिसमें लेह को चीन में दिखाया गया था।

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भारत सरकार ने इस मामले को ट्वीटक को कडी चेतावनी दी थी। और साथ ही कहा था कि कि देश की संप्रभुता और अखंडता के प्रति किसी भी तरह का खिलवाड बिल्कुल असहनीय है।

संसदीय समिति के समक्ष दाखिल हलफनामे में ट्विटर ने कहा है कि साफ्टवेयर में गड़बड़ी और अपूर्ण डाटा का परिणाम गलत जियो-टैग के रूप में सामने आया। कंपनी ने पिछले कुछ हफ्तों में जियो-टैग के इस मसले को हल करने की दिशा में काम किया है जिसमें लेह के साथ-साथ केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के अन्य शहरों को भी उनके सही नाम, राज्य और देश के साथ प्रदर्शित किया जाएगा।

जब संयुक्त संसदीय समिति ने नोटिस भेजा था तो सांसद ने मीनाक्षी लेखी ने कहा था कि ट्विटर इंडिया के प्रतिनिधियों ने कहा कि कंपनी भारतीयों की भावनाओं का सम्मान करती है।

लेकिन यह मामला केवल भारत एवं भारतीयों की भावनाओं का नहीं है। यह देश की अखंडता एवं संप्रभुता का सवाल है और इसका सम्मान नहीं करना एक आपराधिक कृत्य है। भारत के नक्शे को गलत तरीके से दिखाना राजद्रोह का अपराध है और ऐसा करने के लिए सात साल की जेल हो सकती है।