रिहा होते ही महबूबा मुफ्ती का बयान कहा, नहीं भूली हूँ उस काले दिन के फैसले की बेइज्जती

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती को करीब 14 महीने बाद रिहा कर दिया गया। महबूबा मुफ्ती ने रिहाई के बाद अपना एक ऑडियो संदेश जारी किया है। औऱ जम्मू कश्मीर के लिए संघर्ष का ऐलान किया है। साथ ही महबूबा मुफ्ती ने कहा कि उस काले दिन का काला फैसला उनके दिमाग में रोज खटकता रहा है। वह इसके लिए संघर्ष जरुर करेंगीं।

महबूबा मुफ्ती ने रिहा होते ही ये ऐलान किया है कि वो अनुच्छेद 370 कि बहाली के लिए वो फिर से संघर्ष करेंगी। अपने ट्वीटर अकाउंट पर अपने 1 मिनट 23 सेकेंड का ऑडियो है जिसमें महबूबा ने कहा कि

‘मैं आज एक साल से भी ज्यादा अर्से के बाद रिहा हुई हूं। इस दौरान 5 अगस्त 2019 के उस काले दिन का काला फैसला हर पल मेरे दिल और रूह पर हर पल वार करता रहा। मुझे एहसास है कि यही कैफियत जम्मू-कश्मीर के लोगों की रही होगी। हम में से कोई भी शख्स उस दिन की बेइज्जती को भूल नहीं सकता।’

https://twitter.com/MehboobaMufti/status/1316069654901583872

 

ऑडियो में वह आगे कहती हैं, ‘दिल्ली दरबार ने गैर कानूनी, गैर लोकतांत्रिक और गैर कानूनी तरीके से हमसे छीन लिया, उसे वापस लेना होगा। बल्कि उसके साथ-साथ कश्मीर के मसले को हल करने के लिए जद्दोजहद जारी रखनी होगी, जिसके लिए हजारों लोगों ने अपनी जानें न्योछावर की। मैं मानती हूं कि यह रास्ता आसान नहीं है, मुझे यकीन है कि हौसले से यह दुश्वार रास्ता भी तय होगा। आज जब मुझे रिहा किया गया है, मैं चाहती हूं कि जम्मू-कश्मीर के जितने भी लोग देश की जेलों में बंद हैं, उन्हें जल्द से जल्द रिहा किया जाए।’

आपको बता दें कि महबूबा मुफ्ती के साथ 370 के निष्प्रभावी बनाए जाने के समय कई अन्य नेताओं को भी हिरासत में लिया गया था। जिसमें उन्हें सीआरपीसी की धारा 107 और 151 के तहत हिरासत में लिया गया था। लेकिन उसके बाद उनके खिलाफ जन सुरक्षा योजना के तहत मामला दर्ज किया गया।

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