बिहार विधानसभा चुनाव में तेजस्वी यादव के अटैक पर डिफेंसिव है CM नीतिश कुमार

बिहार विधानसभा चुनाव में लगभग हर सीटों पर प्रत्याशी तय हो चुके हैं कोरोना काल में हो रहे इस चुनाव में राजनीतिक दलों के सामने बड़ी रैलियां के जरिए प्रचार करने के विकल्प नहीं हैं। इसी वजह से सभी दलों ने सोशल मीडिया का सहारा लेकर वर्चुअल रैली के जरिए पार्टी के कार्यकर्ताओं तक अपनी बात पहुँचाने की कोशिश कर रहें हैं।

अब राजनीतिक पर हालत को देखते हुए ये तय हो चुका है बिहार चुनाव का मुख्य मुकाबला एनडीए बनाम महागठबंधन के बीच है। वहीं बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने भी वर्चुअल तरीके से चुनाव प्रचार से शुरु किया है। नीतिश कुमार अब तक तीन रैलियां कर चुके हैं।

नीतिश कुमार द्वारा कि गय़ी तीन रैलियों में उन्होंने करीब 1-1 घंटे का भाषण दिया है। भाषण देने के दौरान उन्होने 15 साल के दौरान अपने किए गए कामों का बखान किया। इस बात से सीएम नीतिश ने ये तो साबित कर दिया है कि वो ये चाहते हैं कि चुनाव विकास के मुद्दों पर और उनके द्वारा किए गए कामों के दम पर हो। क्योंकि बीजेपी इस मसले को क्या रंग देना चाहती है वो अलग मैटर है।

नीतिश के भाषण को सुनकर तो यही लगता है कि वह तेजस्वी यादव के ओऱ से किए गए अटैक का जवाब डिफेंस से दे रहें हैं। भाषण में कही गई मुख्य बातों के जरिए समझने कि कोशिश कर सकते हैं। आखिर राजनीतिक गलियारों में उनकी चर्चा क्यों हो रही है।

सीएम नितिश कुमार की तेजस्वी यादव के सामने की तुलना करना भी बेमानी है। इस बात को एनडीए के नेता गर्व के साथ कहते हैं। इससे यही माना जाना चाहिए कि बिहार विधानसभा चुनाव में अनुभवी नीतिश कुमार को एक एंजेडा सेट करना चाहिए। और तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव की जोड़ी को उनके पीछे भागते हुए दिखाना चाहिए।

यानी हम ये भी कह सकते हैं कि मुद्दे सेट करने में नीतिश कुमार को ड्राइविंग सीट पर होना चाहिए। लेकिन उनके तीन रैलियों में दिए गए भाषण मे ये पता चलता है कि अभी तक उन्होने कुछ ऐसा नहीं किया है। उल्टा नीतिश कुमार डिफेंसिव मोड में दिख रहें हैं।

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