बनारस की बेटी शिवांगी सिंह हैं, राफेल स्क्वाड्रन की पहली महिला फाइटर पायलट

फ्रांस से फाइटर विमानों के आने के बाद से ही ये चर्चा चलने लगी थी कि आखिर कौन इन फाइटर पायलट को उड़ाएगा। लेकिन जब देश के सबसे ताकतवर विमान राफेल स्क्वाड्रन गोल्डन ऐरो के लिए जब एक पायलट चयनित करने के लिए वायु सेना कि ओर से प्रशिक्षण की ओर से जब शिवांगी सिंह को शामिल किया गया तब यकीन नहीं हो रहा था कि एक बेटी यहां भी खुद को साबित कर देगी..वहीं देखा जाए तो भारतीय वायुसेना में राफेल उड़ाने का सौभाग्य बनारस की बेटी शिवांगी को मिला है..

शिवांगी सिंह बनारस में पली बढी और उन्होंने बीएचयू से एनसीसी किया और उसके बाद उन्हें भारतीय वायुसेना में स्क्वाड्रन की पहली महिला फाइटर बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ..शिवांगी की माँ सीमा जी से जब बात हुई तो उन्होंने खुशी बयान करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के बाद जब बेटी का नाम आया तो पूरी रात उन्हें निंद नहीं आई। और कहा बेटी की इतनी बड़ी सफलता के बाद जज्बात बयां नहीं किया जा रहा है। शिवांगी की मां ने कहा कि बचपन से ही नटखट बिटिया चीड़िया की तरह उड़ना चाहती थी। .

बनारस शहर के फुलवरिया गाँव में रहने वाली शिवांगी सिंह ने भारतीय वायुसेना में फाइटर विमान उड़ाने का जो सपना पाला था उसे कर दिखाया कहा जाता है कि मेहनत और लगन हो तो कोई चिज मुश्किल नहीं है। शिवांगी सिंह ने जी तोड़ मेहनत की और इतिहास रच दिया।

शिवांगी का परिवार बेटी की उपलब्धि की खुशियाँ मनाने में लगा है। शिवांगी के पिता कुमारेश्वर ने बताया कि बेटी के चयन की जानकारी शाम को मिली उनको बताया गया कि उनकी बेटी पहली इकलौती पायलट है जो वायु सेना के बेड़े में शामिल हुए राफेल के गोल्डेन ऐरा की टीम में शामिल हुई है।

बेटी की खुशियों में शामिल होने के लिए आस-पड़ोस के लोग भी पहुंचे और हलवा बनाकर खुशियां मनाई और शिवांगी के पिता ने कहा कि हमारी बेटी बनारस के साथ-साथ देश का नाम भी रौशन करेगी इससे बड़ी खुशी हमारे लिए और क्या हो सकती है।

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