टूट गई मुलायम की सपा, अखिलेश के खिलाफ सभी 80 सीटों पर शिवपाल ‘खोलेंगे मोर्चा’

SAMAJWADI PARTY से अलग होकर SHIVPAL YADAV ने AKHILESH के खिलाफ खोला मोर्चा, 26 साल बाद टूट गई मुलायम सिंह की पार्टी, 90 के दशक में कभी ऐसे ही राष्ट्रीय लोकदल से अलग हुए थे MULAYAM SINGH YADAV 

80 सीटों पर शिवपाल 'खोलेंगे मोर्चा'

80 सीटों पर शिवपाल ‘खोलेंगे मोर्चा’समाजवादी पार्टी टूट चुकी है. फाइनली शिवपाल यादव समाजवादी पार्टी से अलग हो चुके हैं. अब से शिवपाल यादव समाजवादी सेक्युलर मोर्चे के अध्यक्ष हो चुके हैं. शिवपाल यादव ने रैली करके ऐलान कर दिया कि उनकी पार्टी समाजवादी सेक्युलर मोर्चा 2019 में उत्तर प्रदेश की सभी 80 सीटों पर चुनाव लड़ेगा. और दावा किया कि बिना शिवपाल यादव की समाजवदी सक्युलर मोर्चे के देश की सरकार नहीं बन पाएगी.

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“शिवपाल ने अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि अपमानित होने की कोई सीमा होती है. सपा में बार-बार उनकी बेइज्जती की गई. अब उनका मोर्चा पूरी ताकत के साथ 2019 का चुनाव लड़ेगा. और 2022 में यूपी की मजबूत पार्टी बनकर उभरेगी. सेक्युलर मोर्चे का सफर शुरू हो चूका है. अब वो रुकने वाला नही है. मैं बीजेपी से संपर्क में नहीं हूं. राष्ट्रपति चुनाव में बीजेपी ने मुझसे वोट मांगा था. लेकिन सपा ने मुझसे वोट के लिए नहीं कहा. राज्यसभा चुनाव में भी मुझसे ना कांग्रेस ने वोट देने को कहा ना ही अखिलेश ने कहा लेकिन फिर भी मैंने सपा के प्रत्याशी को वोट किया था’

शिवपाल ने ऐलान किया समाजवादी पार्टी से सताए हुए लोग. और सेक्युलर लोग उनके मोर्चे से जुड़ सकते हैं. अगर ऐसा ही चलता रहा एक दिन शिवपाल यादव बीजेपी की शरणागति कबूल कर लेंगे. क्योंकि राजनीतिक जानकार मानते हैं कि शिवपाल का मोर्चा वोट कटुआ पार्टी से ज्यादा कुछ नहीं साबित होगा. जब सपा बीएसपी और कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़ेंगे तो बीजेपी वर्सेज गठबंधन होगा. देर सबेर या तो शिवपाल को घर वापसी करनी होगी या फिर बीजेपी की शरण में जाना पड़ेगा. शिवपाल एक बार 10 दिन पहले लखनऊ में योगी आदित्यनाथ से मिल भी चुके हैं.

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क्योंकि शिवपाल यादव जिन अमर सिंह के नक्शेकदम पर चल रहे हैं. उन्होंने 2010 की जनवरी में पार्टी से इस्तीफा दिया था. उसके बाद 2010 की फरवरी में पार्टी से बाहर कर दिया गया. फिर अमर सिंह ने अपनी अलग पार्टी बनाई. नाम रखा राष्ट्रीय लोक मंच. जयाप्रदा के साथ मिलकर चुनाव लड़े लेकिन पार्टी की हर जगह जमानत जब्त हो गई. फिर से अमर सिंह की वापसी सपा में हुई. वोट फॉर कैश मामले में जेल जाने का ईनाम मुलायम सिंह यादव ने दिया. फिर से राज्यसभा भेज दिया. हो सकता है अमर जैसा हाल शिवपाल का ना हो लेकिन अखिलेश के वोट तो शिवपाल काटेंगे ही.