जन्माष्टमी पर द्वापर के बाद पहली बार बना ऐसा संयोग, जानें भगवान कृष्ण के 108 नाम

जन्माष्टमी पर द्वापर के बाद पहली बार बना ऐसा संयोग, जानें भगवान कृष्ण के 108 नाम
Krishna Janmashtmi- जन्माष्टमी पर द्वापर के बाद पहली बार बना ऐसा संयोग, जानें भगवान कृष्ण के 108 नाम
Krishna Janmashtmi –जन्माष्टमी पर द्वापर  युग के बाद  पहली बार बना भगवान कृष्ण का जन्म त्रिपुरक योग में होगा.

भगवान विष्णु के 8वें अवतार, 16 हजार 108 पत्नियों के पति अनगिनत गोपियों के आंखों के तारे भगवान कृष्ण का जन्मदिन जन्माष्टमी के तौर पर पूरी दुनिया में मनाया जाता है. 2018 की इस जन्माष्टमी पर ठीक वैसा ही संयोग बना है, जैसा द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय बना था. 2 सितंबर को त्रिपुष्कर योग बना हुआ है. इस योग में जो भी काम किए जाते हैं उसका तीन गुना फायदा मिलता है. गंदे कामों या पापों की सजा तीन गुना ज्यादा मिलेगी और अच्छे कामों का फायदा तीन गुना ज्यादा होगा.

जन्माष्टमी का ऐसा संयोग द्वापर के बाद पहली बार बना है. ऐसे में ऐसे में जन्माष्टमी पर ज्यादा देर तक ना सोएं. भगवान श्रीकृष्ण के विचारों को उनके गीता ज्ञान को पढ़ें उसका अनुसरण करें. पूठा पाठ में मन लगता है तो भगवान को भोग लगाएं भोग में तुलसी का पत्ता जरूर रखें क्योंकि भगवान को तुलसी बहुत पसंद थी.

भगवान कृष्ण के 108 नाम

1 श्याम
2 श्यामसुंदर
3 सुदर्शन
4 सुमेध
5 सुरेशम
6 स्वर्गपति
7 त्रिविक्रमा
8 उपेंद्र
9 वैकुंठनाथ
10 वर्धमानह
11 वासुदेव
12 विष्णु
13 विश्वदक्शिनह
14 विश्वकर्मा
15 विश्वमूर्ति
16 विश्वरुपा
17 विश्वात्मा
18 वृषपर्व
19 यदवेंद्रा
20 योगि
21 योगिनाम्पति
22 केशव
23 कृष्ण
24 लक्ष्मीकांत
25 लोकाध्यक्ष
26 मदन
27 माधव
28 मधुसूदन
29 महेंद्र
30 मनमोहन
31 मनोहर
32 मयूर
33 मोहन
34 मुरली
35 मुरलीधर
36 मुरलीमनोहर
37 गोविंदा
38 अचला
39 अच्युत
40 अद्भुतह
41 आदिदेव
42 अदित्या
43 अजंमा
44 अजया
45 अक्षरा
46 अम्रुत
47 अनादिह
48 आनंद सागर
49 अनंता
50 अनंतजित
51 अनया
52 अनिरुध्दा
53 अपराजीत
54 अव्युक्ता
55 बालगोपाल
56 बलि
57 चतुर्भुज
58 दानवेंद्रो
59 दयालु
60 दयानिधि
61 देवाधिदेव
62 देवकीनंदन
63 देवेश
64 धर्माध्यक्ष
65 द्वारकाधीश
66 गोपाल
67 गोपालप्रिया
68 ज्ञानेश्वर
69 हरि
70 हिरंयगर्भा
71 ऋषिकेश
72 जगद्गुरु
73 जगदिशा
74 जगन्नाथ
75 जनार्धना
76 जयंतह
77 ज्योतिरादित्या
78 कमलनाथ
79 कमलनयन
80 कामसांतक
81 कंजलोचन
82 नंद्गोपाल
83 नारायन
84 निरंजन
85 निर्गुण
86 पद्महस्ता
87 पद्मनाभ
88 परब्रह्मन
89 परमात्मा
90 परमपुरुष
91 पार्थसार्थी
92 प्रजापती
93 पुंण्य
94 पुर्शोत्तम
95 रविलोचन
96 सहस्राकाश
97 सहस्रजित
98 सहस्रपात
99 साक्षी
100 सनातन
101 सर्वजन
102 सर्वपालक
104 सर्वेश्वर
105 सत्यवचन
106 सत्यव्त
107 शंतह
108 श्रेष्ट
107 श्रीकांत

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ये भगवान कृष्ण के नाम हैं जो उनकी बढ़ती आयु के हिसाब से कर्म के आधार पर मिलते गए. भगवान कृष्ण ने कहा था कि कोई उन्हें चाहे जिस नाम से पुकारे जब उनको लगेगा कि कोई उनको पुकार रहा है तो वो अवश्य बोलेंगे. ये बात गीता का ज्ञान देते समय श्री कृष्ण ने अर्जुन से कही थी.