किसान बिल को लेकर समाजवादी पार्टी ने किया विरोध

किसान बिल के विरोध को लेकर समाजवादी पार्टी भाजपा सरकार पर हमलावर है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर समाजवादी पार्टी सभी जनपद में किसानों और श्रमिकों के हितों पर आघात पहुँचाने वाले कृषि एंव श्रम कानून के विरोध में महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेगी।

यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का कहना है कि किसानों के हितों की अनदेखी करने वाला जो जो विधेयक भारत सरकार लाई है। उससे किसान अपना जमींन का मालिक ना रहकर मजदूर हो जाएगा। कृषि उत्पादन मंडी की समाप्ति और विधेयक में न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलना सुनिश्चित ना होने से बेचारे किसान अपनी फसल को किसी भी दामों पर बेचने को मजबूर होंगें। व्यापारिक घरानों की शर्तों पर ही किसानों को अपनी फसल बेचनी होगी। लेकिन समाजवादी पार्टी किसानों कि आवाज दबने नहीं देगी।

संसद में जो श्रमिक कानून पास हुआ है उससे श्रमिक किसान बुरी तरह प्रभावित होंगें। भाजपा सरकार ने अब खेती को भी कॉरपोरेट के हाथों में सौंप दिया है। आजादी के बाद पहली बार किसानों पर इतना बड़ा हमला हुआ है। किसानों और मजदूरों की हालत वैसे ही खराब थी ही इससे किसानों मजदूरों की हालत और खराब हो जाएगी।

जो नया श्रम कानून बनाया गया है उसके अनुसार कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा सकता है। कारखानों में उन्हें गुलामी करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

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