किसान आंदोलन: प्रियंका गाँधी पुलिस हिरासत में, राहुल बोले- हम किसानों और मजदूरों के साथ खड़े हैं

कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का आज 29वां दिन है. किसानों के समर्थन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी विजय चौक से लेकर राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकाल कर रहे हैं.

राहुल गांधी के नेतृत्व में गुलाम नबी आजाद और अधीर रंजन चौधरी ने कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से मुलाकात की. इसके बाद उन्होंने सरकार से संसद का संयुक्त सत्र बुलाकर नए कानूनों को वापस लेने की बात कही.

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उधर किसानों के समर्थन में कांग्रेस नेता विजय चौक से राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकालना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने इसकी इजाजत नहीं दी. इसके बावजूद मार्च निकालने पर प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. प्रियंका गांधी समेत दूसरे कांग्रेस नेताओ को मंदिर मार्ग थाने में रखा गया था, हालांकि अभी उन्हें हिरासत से छोड़ दिया गया है.

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से मिलने के बाद राहुल गांधी ने कहा, मैंने राष्ट्रपति से कहा कि ये कृषि कानून किसान विरोधी हैं. देश ने देखा है कि किसान इन कानूनों के खिलाफ खड़े हुए हैं. मैं पीएम मोदी को बताना चाहता हूं कि ये किसान तब तक घर वापस नहीं जाने वाले हैं, जब तक इन कृषि कानूनों को रद नहीं किया जाता. सरकार को संसद का संयुक्त सत्र बुलाना चाहिए और इन कानूनों को वापस लेना चाहिए. विपक्षी दल किसानों और मजदूरों के साथ खड़े हैं.

वहीं प्रियंका गाँधी ने कहा कि बीजेपी नेता और समर्थक किसानों के लिए जो शब्द इस्तेमाल कर रहे हैं, वो पाप है. अगर सरकार किसानों को देश विरोधी कहती है तो, सरकार पापी है. किसानों की समस्या का हल तब निकलेगा, जब सरकार उनका आदर करेगी. इस सरकार के खिलाफ किसी भी तरह के असंतोष को आतंक के नजरिए से देखा जा रहा है. कभी वे कहते हैं कि हम इतने कमजोर हैं कि विपक्ष के लायक ही नहीं. कभी कहते हैं कि हम इतने ताकतवर हैं कि हमने दिल्ली बॉर्डर पर किसानों के लिए लाखों कैंप बना दिए. पहले उन्हें तय करना चाहिए कि हम क्या हैं?