crossorigin="anonymous"> कंबोडिया के अंकोरवाट मंदिर का इतिहास - Ulta Chasma Uc

कंबोडिया के अंकोरवाट मंदिर का इतिहास

उत्तर प्रदेश में यादव खानदान के चौथे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इटावा की लॉयन सफारी के करीब भगवान विष्णु के नाम पर 2,000 एकड़ से ज्यादा जमीन पर कंबोडिया के अंकोरवाट की तरह एक भव्य और विशाल विष्णु मंदिर का निर्माण कराएंगे. बीजेपी सूर्य वंशी और कर्म से क्षत्रिय, भगवान राम का मंदिर अयोध्या में बनवाएगी और अखिलेश यादव भगवान विष्णु का मंदिर बनवाएंगे. कृष्ण और राम दोनों भगवान विष्णु का अवतार थे. यानी 2019 के लोकसभा चुनाव  में राम मंदिर का मुकाबला आखिलेश विष्णु मंदिर से करने वाले हैं. राम विष्णु का अवतार थे. इसीलिए अखिलेश ने सीधा बॉस भगवान को ही साध लिया.
तस्वीर सौजन्य- google
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अंकोरवाट विश्व का सबसे बड़ा हिन्दू मंदिर है साथ ही सबसे बड़ा धार्मिक स्मारक है. ये कंबोडिया के अंकोर शहर में है. अंकोर शहर का प्रचीन नाम यशोधरपुर था. इस मंदिर को सम्राट सूर्यवर्मन द्वितीय 12वीं सदी में कराया था. कंबोडिया में हिन्दू और बौद्ध मंदिर ज्यादा संख्या में हैं..कभी यहां भी हिन्दू धर्म अपने चरम पर था.
प्राचीन काल में कंबोजदेश यानी कंपूचिया और आज का कंबोडिया..हिंदू देश था. फिर बौद्ध हो गया. कंबोडिया में हिंदू और बौद्ध राजाओं ने राज किया इसीलिए यहां भगवान बुद्ध के साथ-साथ ब्रह्मा, विष्णु, महेश सबके मंदिर मौजूद हैं. यहां  दुनिया का सबसे बड़ा विष्णु मंदिर है.
तस्वीर सौजन्य- google
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12वीं सदी में विष्णु का सबसे बड़ा मंदिर बना. चौदहवीं सदी में बौद्ध धर्म का प्रभाव बढ़ने लगा. फिर बौद्ध राजाओं ने इसे बौद्ध मंदिर के आकार में ढाल दिया इस मंदिर को एक फ्रांसिसी पुरातत्वविद ने इसे खोजा. आज ये मंदिर जिस रूप में है उसमें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण का बहुत योगदान है. सन् 1986 से 93 तक एएसआई ने यहां संरक्षण का काम किया था.
अंकोरवाट का मंदिर लगभग 1 स्कॉवयर मील में फैला हुआ है. मंदिर की दीवारो पर मूर्तियां हिन्दू धर्म के गौरवशाली इतिहास के बारे में बाताती हैं.. सीताहरण, हनुमान का अशोक वाटिका में प्रवेश, अंगद प्रसंग, राम-रावण युद्ध, महाभारत जैसे तमात सीन मंदिर की दीवारों पर उकेरे गए हैं.