एडीजी प्रशांत का बयान युवती के साथ नहीं हुआ बलात्कार गले में चोट की वजह से हुई मौत

हाथरस गैंगरेप  पीड़िता का शव परिवार की बिना मर्जी रातोंरात जलाना प्रशासन के लिए अब भारी पड़ता नजर आ रहा है। न्यायलय ने कहा की एक तरफ हाथरस के एसपी कहते हैं कि शव परिवार के हवाले कर दिया था और अंतिम संस्कार करवाने में प्रशासन ने केवल मदद कि है। वहीं दूसरी तरफ मृतक के भाई और पिता का कहना है कि इस बारे में प्रशासन से उनकी कोई बात नहीं हुई थी।

पुलिस ने अपनी पावर का इस्तेमाल करते हुए ये काम किया है। वहीं न्यायालय ने अंतिम संस्कार को लेकर मीडिया में जो वीडियो चल रहा था उसका हवाला भी दिया। न्यायालय ने कहा कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार रातोंरात हुए अंतिम संस्कार के दौरान डीएम प्रवीण कुमार, एसपी विक्रांत वीर, एएसपी प्रकाश कुमार, सादाबाद सीओ भ्राम सिंह, रम्शाबाद सीओ सिटी सुरेंद्र राव, सीओ सिकन्दर राव व संयुक्त मजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश मीणा 200 पीएसी जवानों व 11 थानों की पुलिस फोर्स के साथ वहाँ पर उपस्थित थे।

न्यायालय ने एडीजी लॉ एण्ड आर्डर का भी जिक्र किया प्रशांत के बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होनें कहा कि शव खराब हो रहा था। इसलिए परिवार के सदस्य चाहते थे कि अंतिम संस्कार हो जाए तो ज्यादा बेहतर होगा।

एडीजी लॉ एण्ड आर्डर प्रशांत कुमार ने तो यहाँ तक कह दिया कि हाथरस की 19 साल की लड़की के साथ रेप नहीं हुआ। उन्होनें कहा कि युवती के गले में चोट लगने की वजह से सदमे से उसकी मौत हुई थी। फॉरेंसिक साइंस लैब की रिर्पोट से ये साफ जाहिर है कि उसके साथ बलात्कार नहीं हुआ। प्रशांत कुमार ने ये भी कहा कि युवती ने जो पुलिस को बयान दिया उसमें भी उसने अपने साथ बालात्कार होने की बात नहीं कही थी।

उन्होंने कहा कि उसने सिर्फ मारपीट का आरोप लगाया था। प्रशांत कुमार का कहना है कि जो भी तथ्य पेश किए जा रहें हैं वो गलत हैं। उन्होने कहा कि पुलिस ने तुरंत इस मामले में कार्यवाही कि अब हम उन लोगों की पहचान करेंगें जिन्होंने प्रदेश में माहोल खराब करने और जातीय हिंसा भड़काने की कोशिश की है।

वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्मंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष जांच करने के आदेश दिए हैं। उन्होनें ये भी कहा कि इस घटना में जो लोग उन्हें बिल्कुल भी बख्शा नहीं जाएगा। क्योंकि यह एक बहुत ही गंभीर मामला है और सरकार तथा पुलिस महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों को लेकर बेहद संजीदा है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *